टर्मिनेटर अर्नाल्ड श्वार्जनेगर के सफलता की कहानी | टर्मिनेटर अर्नाल्ड की रोचक कहानी



टर्मिनेटर अर्नाल्ड श्वार्जनेगर के सफलता की कहानी | टर्मिनेटर अर्नाल्ड की रोचक कहानी


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टर्मिनेटर अर्नाल्ड श्वार्जनेगर के सफलता की कहानी



दोस्तों , 
           अर्नोल्ड श्वार्जनेगर का नाम सुनते ही हमारे दिमाग मे एक बॉडीबिल्डर और फिट रहने वाले व्यक्ति की तस्वीर उभरती है, 


अर्नोल्ड श्वार्जनेगर ने अपनी सफलता की कहानी बड़ी ही मेहनत के बाद लिखी है । 


वे शारिरिक तौर पर जितने सख्त दिखाई देते हैं, उतने ही व्यवहारिक रूप से सरल और सीधे आदमी हैं ।


अर्नोल्ड हॉलीवुड के उन अभिनेताओं में से एक हैं , जिनको पूरा वर्ल्ड जानता है ,

खैर इधर उधर की बात ना करते हुए हम सीधे टॉपिक पर आते हैं , और यहाँ हम आपको बताएंगे कि कैसे एक सामान्य सा लड़का बॉडीबिल्डर बना व कई खिताब अपने नाम किये ,

हम आपको ये भी बताएंगे कि कुछ समय पहले ही अर्नोल्ड ने दुनिया को एक खास सन्देश बहुत ही यूनिक तरीके से दिया...


तो दोस्तो हम शुरुआत करते हैं, 30 जुलाई 1947 के उस दिन से , जब अर्नोल्ड का जन्म , ऑस्ट्रिया में हुआ ।

वे अपनी माँ के लाड़ले थे, जैसे कि हम सभी होतें हैं , परन्तु उनके पिता उनसे कुछ ज्यादा ही सख्ती का व्यवहार करते थे ,

हालांकि अर्नोल्ड के पिता एक पुलिस अधिकारी थे, परन्तु इसका मतलब ये नहीं होता कि आप अपने पुलिस के रूल अपने ही बच्चों की पिटाई पर लगा दो,

लेकिन अर्नोल्ड को ये सब डेली झेलना पड़ता था, परन्तु उनकी माँ उनका हमेशा हौंसला बढ़ाती थी , जिसके कारण अर्नोल्ड में पॉजिटिव एनर्जी ज्यादा रहती थी ।


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टर्मिनेटर अर्नाल्ड श्वार्जनेगर के सफलता की कहानी


अर्नोल्ड और बॉडीबिल्डिंग ::--- 

अर्नोल्ड को बचपन में फुटबॉल खेलने का बड़ा शौक था, इसलिये वे इसकी कोचिंग भी लेते थे , 


और एक बार उसी कोच के साथ छोटा अर्नोल्ड जिम में गया, 
उस वक्त वे 14 या 15 साल के रहे होंगे, अर्नोल्ड ने जब फुटबॉल इंस्ट्रक्टर से पूछा की ये सब क्या है , तो उनके इंस्ट्रक्टर ने उन्हें जिम की पूरी जानकारी दी ।


बस अर्नोल्ड को वहीं से जिम में जाकर कसरत करने का शौक सवार हो गया, उसी वक्त उनके फुटबॉल कोच ने ये सलाह भी दी , 

की या तो तुम जिम जॉइन करो या फुटबॉल खेलो, क्योकिं दो जगह आधा - आधा टाइम देने से कोई फायदा नहीं,


तब अर्नोल्ड ने जिम को चुना, और वे वहाँ घण्टों कसरत करते थे, मेरा मतलब ये है दोस्तों की उन्हें जिम में जाने का जुनून सवार था ,


अर्नोल्ड और आर्मी ::--- 

जी हां दोस्तो आपने सही सुना ,अर्नोल्ड ने 18 साल की उम्र में ही आर्मी जॉइन कर ली , अब आप सोच रहे होंगे , 


की यार जब अर्नोल्ड श्वार्जनेगर को बॉडीबिल्डिंग में ही करियर बनाना था , तो फिर आर्मी क्यों जॉइन की ।


तो दोस्तो मैं आपको थोड़ा जनरल नॉलेज के लिये बता दूं, की ऑस्ट्रिया जो देश है , 
जहाँ अर्नोल्ड पैदा हुए, उस देश का ये रूल है कि उनके देश का हर व्यक्ति जो 18 साल का हो जाता है , उसे कुछ सालों के लिए आर्मी जॉइन करनी ही पड़ती है, ये Compulsory है ।

तो अर्नोल्ड ने अपने देश की आर्मी जॉइन करी, परन्तु जिम में बॉडी बिल्डिंग का उनका जुनून यहाँ भी कम नहीं हुआ , उल्टा और बढ़ा, क्योकिं आर्मी तो फिटनेस को ज्यादा बढ़ावा देती है ।

इसी कारण अर्नोल्ड को मोटिवेशन मिला और उन्होंने junior Mr. Europe का Competition जीत लिया ।

दोस्तों जो भी बॉडी बिल्डिंग के क्षेत्र में होतें हैं , उनका यही सपना होता है कि वे Mr. Universe बने , और 1966 में अर्नोल्ड का यह सपना भी पूरा हुआ , वे मिस्टर यूनिवर्स बनें ।

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टर्मिनेटर अर्नाल्ड श्वार्जनेगर के सफलता की कहानी


ये जरूर जानें ::--- 👇 👇 👇

अर्नोल्ड श्वार्जनेगर हाइट, वेट and बॉडी शेप्स ::---

हाइट :--- 190 C.M

वेट :--- 110 K.g

आर्म्स :--- 22"

चेस्ट :--- 57"

वेस्ट :--- 30"

थाइस :--- 28.5" ( अरे भाई इतनी तो किसी - किसी की 
                           कमर ही होती है यार ) ...☺☺


Arnold Schwarzenegger in Hollywood ::--

अब बारी थी अर्नोल्ड श्वार्जनेगर के हॉलीवुड में एंट्री की , पर ये सब इतना आसान नहीं होता है, 

क्योंकि अर्नोल्ड की मातृभाषा जर्मन थी , परन्तु उन्होंने इंग्लिश को भी सीखना शुरू किया, परन्तु सब फिर से इतना आसान नहीं था,



" क्या आपको पता है फ्रेंड्स , की अर्नोल्ड श्वार्जनेगर सिर्फ 23 साल की उम्र में Mr. Olympia बन गए थे , ये एक वर्ल्ड रिकॉर्ड था, जिसे आज भी कोई नहीं तोड़ पाया है "


इसलिए friends , अर्नोल्ड के जीवन को टर्मिनेटर अर्नाल्ड श्वार्जनेगर के सफलता की कहानी कहना ही उन्हें उचित सम्मान हमारी ओर से हमें देना चाहिए ।

1973 में Arnold को The long good bye फिल्म में एक छोटा सा रोल मिला ,

1977 में अर्नोल्ड को लीड रोल में लेकर Pumping iron नाम की एक फिल्म आई , जिसने उन्हें हॉलीवुड के लोगों में एक पहचान दिलवाई ।

1982 में Arnold Schwarzenegger की केनोन द बारबेरियन मूवी आई जो कि सुपरहिट साबित हुई , और यही से अर्नोल्ड को एक Boosting मिला ।

1984 में Director जेम्स कैमरून ने उन्हें The Terminator Movie में लिया , और आप सभी जानते है दोस्तो की आज तक उस फिल्म की सीरीज बन रही है,

Terminator Movie ने अर्नोल्ड को पूरी दुनिया मे एक नई पहचान दिलाई, हर कोई उन्हें जानने लगा, और वही से कई लोगों को पता चला कि अर्नोल्ड तो बॉडी बिल्डिंग का एक Brand है ।

उसके बाद तो जैसे अर्नोल्ड के लिये फिल्म्स की लाइन लग गई थी , उन्होंने Total Recall और Commando जैसी मूवी में अपने काम से लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया ।

 
ये सब भी आपके पढ़ने के लिये ही है 👇 👇 👇




Arnold Schwarzenegger and Politics ::---

फ्रेंड्स, अर्नोल्ड उन व्यक्तियों में से हैं , जो अपने जीवन मे कुछ ना कुछ नया हमेशा करना चाहते हैं, और उसके जरिये लोगों तक या जमीन से भी जुड़े रहते हैं ,

वैसा ही अर्नोल्ड ने 2003 में केलिफोर्निया का गवर्नर बनकर किया , और उनके द्वारा किये गए Work से वहाँ की जनता भी खुश थी ।

Learn to Arnold Life ::– अर्नोल्ड सर की लाइफ से सीख ::---

दोस्तों हम इसे अर्नोल्ड का गलत समय तो नहीं कहेंगे, क्योंकि उन्होंने पूरी दुनिया को इससे सीख दी है ,

और मेरी आप सभी से ये गुजारिश है कि आप उनके जीवन की ये घटना अपने जीवन में भी उतारें ,


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टर्मिनेटर अर्नाल्ड श्वार्जनेगर के सफलता की कहानी



अभी कुछ सालों पहले अर्नोल्ड सर ने अपना एक फोटो ट्वीट किया था, और वो फोटो कुछ इस तरह का था, जहाँ अर्नोल्ड खुद उनके स्टेच्यू के नीचे जमीन पर सो रहें हैं , 

   और उन्होंने एक Life changing line वहाँ लिखी , की 
                   " How time is change "


अब इस बात को लेकर कई लोगों ने गलत स्टोरी बनाकर सोशल मीडिया पर लॉन्च कर दी, जो कि गलत थी , 

दोस्तो अर्नोल्ड उस फोटो से दुनिया को ये बताना चाहते थे, की आप कभी भी ये सोचकर अपनी लाइफ को मत जिओ की समय एक जैसा हमेशा के लिये रहेगा,

आप हमेशा हर परिस्थिति के लिए तैयार रहो, चाहे टाइम कैसा ही आ जाये, आज आप अच्छे भोजन को तरस रहें है, क्या पता कल आपकी मेहनत आपको बहुत अच्छा भोजन उपलब्ध करवा दे ।

इसलिये हमेशा परिस्थिति के अनुसार ढल जाओ, हमेशा अपनी मेहनत पर अड़े रहो, कभी किसी का बुरा मत सोचो, और हाँ , हो सके तो लोगों की भलाई करो ।

Friends, आपको अर्नाल्ड श्वार्जनेगर के सफलता की कहानी का ये आर्टिकल कैसा लगा, प्लीज हमें Comment करके जरूर बताइये , आपके कमेन्ट हमें और भी ऐसी साहस व ऊर्जा से भरी बायोग्राफी पर आर्टिकल लिखने की प्रेरणा देते हैं ।

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